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Grihasth Tantra

साधना सर्वस्व

साधना सर्वस्व

चौंसठ योगिनी विशेष

विंध्य पर्वत पर विराजमान मां भगवती महा त्रिपुर सुंदरी है वही भगवती षोडशी के रूप में भगवती कामाख्या के रूप में कामाख्या में
तंत्रोक्त रात्रिसक्त अथवा तंत्रोक्त देवी सूक्त। इन दोनों के द्वारा भगवती का प्रबोधन किया जाता है, आवाहन किया जाता है। या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता – यह जो मंत्र आदि है जो कि श्री दुर्गा

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