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Grihasth Tantra

Day: 29/11/2025

तंत्र घटनाएं

वज्र कवच और पिशाच भाग – 02

रक्षक ने बेहुदगी से आवाज लगाकर सभी को बाहर निकलने कहा। और उल्टा सीधा बोलने लगा। बालक बस एक हुंकार के साथ उस ओर देखा जहां से अनर्गल विषय बोला जा रहा था। कुछ ही क्षणों में ना वह रक्षक चुप हो गया वरन वह वहीं बैठ गया, अब कोई उस पर ध्यान ना देकर, बालक के समक्ष हाथ जोड़कर पुनः पुछा महाराज कृपा करें हम सब आपके समक्ष कुछ भी नहीं। हम पर दया करें व बालक को मुक्त करें, इस हेतु आप अपना परिचय दें।
बालक का शरीर काफी तेज कांपने लगा , जल के मध्य वह हुंकारे व

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