Grihasth Tantra

Month: September 2023

तंत्र घटनाएं

ब्रह्मपिशाच प्रपंच भाग-5

तंत्रोक्त विधान से घर के एक हिस्से को ही अस्थाई शमशान का रूप दे दिया था। तंत्रोक्त चिताग्नि समान हवन कुंड पर पहला बलि मसान हेतु कबुतर का दिया और समस्त दिशा बंधित कर दिया। फिर अगले ही कुछ पल बाद अगली बलि स्थापित पिशाच हेतु किया गया।

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तंत्र घटनाएं

ब्रह्मपिशाच प्रपंच भाग-4

रक्त पुष्प को भुतनी मुद्रा से जैसे ही समर्पित किया सुरा सुंदरी समक्ष पटल पर आ गयी। सुरा का अर्घ्य दे प्रणाम किया तथा आज की तंत्र युद्ध में सहायता हेतु प्रार्थना किया।
बंधन पुर्ण करके ब्रह्म पिशाच को पुनः खोला तथा उससे अंतिम बार वार्ता की।

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तंत्र घटनाएं

ब्रह्मपिशाच प्रपंच भाग-3

तब तांत्रिकों द्वारा उनके निवास को विशेष तंत्र प्रक्रिया द्वारा बांधा गया। जिसमें पहले शमशानिक लांगूर विद्या का प्रयोग हुआ जिसके अंतर्गत युवा स्वतः मृत मर्कट के कपाल को शमशान में जाग्रत करके सिद्ध किया जाता है। कितने साधक इस साधना को करते समय मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं।

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तंत्र घटनाएं

ब्रह्मपिशाच प्रपंच-भाग-2

कपाल दंड, श्यामा दंड, रूद्र दंड, पिशाच दंड, मसान दंड इत्यादि पंथ अनुसार इसके भेद होते हैं। सबकी अलग क्षमता और कार्य प्रणाली होती है।जिस दंड के साथ खप्पर भर दिया जायेगा,वह दंड कभी भी गृहस्थ के चौखट को नही लांघेगी , यह अघोर की मर्यादा है।

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तंत्र घटनाएं

ब्रह्मपिशाच प्रपंच – भाग 1

उसने देखा की शालिनी लगभग वस्त्रहीन होकर उसके ऊपर चढ़ बैठी है। दोनों हाथों से विनिता के मुंह को दबाकर ऐसा प्रयास कर रही है जैसे एक मदोन्मत पुरुष अपना नियंत्रण खोकर किसी स्त्री के साथ असभ्य व्यवहार करता है। यह इतना असमान्य था की विनिता भीतर तक दहल उठी। भय आतंक और अर्धनिद्रा ने उसके मस्तिष्क को विचार शून्य कर दिया।

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